खेल रिश्तों का

खेल रिश्तों का जैसे हो रस्सा-कस्सी/khel rishton ka jaise ho rassa-kassi

सदियों से ये एक खेल चला आ रहा है, रस्सा -कस्सी तबसे सबको लुभा रहा है , जिसमे होती है दो टीमों में खींचा – तानी, इसमे हो भी जाती […]

Festivals and changing style to celebrate them

त्यौंहार तब दीप जलाओ, दीप जलाओ,आज दिवाली रे,खुशी-खुशी सब हंसते आओ,आज दिवाली रे। मैं तो लूंगा खेल-खिलौने,तुम भी लेना भाई,नाचो, गाओ, खुशी मनाओ,आज दिवाली आई। आज पटाखे खूब चलाओ,आज दिवाली […]