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खेल रिश्तों का जैसे हो रस्सा-कस्सी/khel rishton ka jaise ho rassa-kassi

खेल रिश्तों का

सदियों से ये एक खेल चला आ रहा है, रस्सा -कस्सी तबसे सबको लुभा रहा है , जिसमे होती है दो टीमों में खींचा – तानी, इसमे हो भी जाती लडाई उनमे जुबानी , और आज ये ही खेल रिशतों… Continue Reading

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Festivals and changing style to celebrate them

त्यौंहार तब दीप जलाओ, दीप जलाओ,आज दिवाली रे,खुशी-खुशी सब हंसते आओ,आज दिवाली रे। मैं तो लूंगा खेल-खिलौने,तुम भी लेना भाई,नाचो, गाओ, खुशी मनाओ,आज दिवाली आई। आज पटाखे खूब चलाओ,आज दिवाली रे,दीप जलाओ, दीप जलाओ,आज दिवाली रे। नए-नए मैं कपड़े पहनूं,खाऊं… Continue Reading

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नवरात्रि नव दुर्गा महाशक्ति, 9 रूपों की पूजा के पूजनीय नौ दिन, Navratri Nav Durga

नवरात्रि नव दुर्गा महाशक्ति, 9 रूपों की पूजा के पूजनीय नौ दिन, Navratri Nav Durga

 नवरात्रि  हिंदुओं का एक पर्व है, जिसे पुरे भारत में एक खास उत्सव की तरह मनाया जाता है। ये उत्सव शक्ति की देवी की पूजा-अर्चना का उत्सव है।   और शक्ति के लिए देवी की आराधना का मुख्य कारण है माँ… Continue Reading

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मैं हूँ बेटी मरुस्थल की, मुझे आज भी याद आता है बीकानेर

मैं हूँ बेटी मरुस्थल की, मुझे आज भी याद आता है बीकानेर

मुझे आज भी याद आता है बीकानेर, उसकी काली-पिली आंधियां, उजले सुनहरे दिन पर पूरी तरह, पीली गर्द से स्याह होता वो आसमान, हम घबराकर बंद करते दरवाजे खिड़कियां, फिर भागा करते आंगन का समेटने सामान, इतनी दौड़ भाग के… Continue Reading