Festivals and changing style to celebrate them

त्यौंहार तब

दीप जलाओ, दीप जलाओ,
आज दिवाली रे,
खुशी-खुशी सब हंसते आओ,
आज दिवाली रे।

मैं तो लूंगा खेल-खिलौने,
तुम भी लेना भाई,
नाचो, गाओ, खुशी मनाओ,
आज दिवाली आई।

आज पटाखे खूब चलाओ,
आज दिवाली रे,
दीप जलाओ, दीप जलाओ,
आज दिवाली रे।

नए-नए मैं कपड़े पहनूं,
खाऊं खूब मिठाई,
हाथ जोड़कर पूजा कर लूं
आज दिवाली आई।


त्यौंहार अब

अब तो हर दिन जैसे त्योंहार,
रोज़ लेते ड्रेस नई,
स्वीट्स की नहीं अब खास दरकार,
अब तो पिज़्ज़ा, बर्गर और चाउमीन,
हैं सबके प्यारे,


हर दिन करते पार्टी अब तो,
हर दिन कपड़े हों न्यारे,
दोस्तों संग मिलती अब तो खुशियां,
नहीं चाहिए ताऊ, चाचा,

हमे नहीं चाहिए फेस्टिवल्स,
खुश अपने PUBG के साथ,
दिए जलाने, रंग लगाने को,
खाली नहीं हमारे हाथ….

sabhindime

kalaa shree Founder of http://www.sabhindime.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: