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Amazing Health Benefits of Jaggery In Hindi

गुड़ के अंदर लोहा, कैल्शियम, गंधक, पोटैशियम एवम कई विटामिन भी भरपूर मात्रा में होते हैं इसके अलावा अन्य शरीर के लिए उपयोगी रसायन तत्व होते हैं 

जैसे पेंटाथोनिक एसिड(Pantothenic acid), नियासिन(Niacin), थियासिल(Thiyasil), रायबोफ्लेविन(Riboflavin), पायरिडॉसिन (payridocsin), biotin(बायोटिन), folic acid, आयनोसिरल(ionosiral) आदि इतनी अधिक मात्रा में पाए जाते हैं।

Jaggery Health Benefits In Hindi-

Amazing Health Jaggery Benefits In Hindi
images:GettyImages

यदि हम 50 ग्राम गुड़ रोजाना अपने भोजन में शामिल करे तो उसे इन सब तत्वों को बाहर से लेने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी। 

100 ग्राम गुड़(jaggery)में निम्न तत्व पाए जाते हैं:-

1.प्रोटीन 4 ग्राम 

2.वसा 1 ग्राम 

3.खनिज 6 ग्राम 

4.फॉस्फोरस 40 मिलीग्राम 

5.लोहा 11.4  मिलीग्राम 

6.कैल्शियम 80 मिलीग्राम 

गुड़ (jaggery)एक क्षारीय पदार्थ है जिसे भोजन के तुरन्त बाद थोड़ा सा खाने से भोजन पच जाता है, और acidity की problem दूर होती है। अगर आप भोजन के साथ गुड़ का रोज सेवन करें तो आपको सभी पोषक तत्व आसानी से प्राप्त होते हैं। 

Pregnancy के बाद महिलाओं को अगर गुड़ और मेवे के लड्डू या अलसी के साथ गुड़ के लड्डू खिलाये जाये तो उनके शरीर में शक्ति का संचार होता है। गुड़ सिर्फ पोषण ही नहीं देता बल्कि हमारे शरीर को रोगों से लड़ने की ताकत भी देता है।

गुड़ में उचित मात्रा में विटामिन ए उपस्थित होता है जो रतोंधी, पेचिश, तपेदिक, आँतों की सूजन, दाँत, गले और फेफड़ों के रोगों में लाभदायक होता है। 

गुड़ (jaggery)से निम्न रोगों में लाभ प्राप्त होता है:-

  • जुकाम में रात में सोते समय गुड़ खाएं और पानी ना पीएं, जल्द ही राहत मिलेगी। 
  • पीलिया के रोगी को बासी मुंह 50 ग्राम गुड़, साथ में मूली को पत्तों सहित खाने से अत्यंत लाभ होता है। 
  • पीलिया में सफेद प्याज का रस, गुड़ और हल्दी एक साथ घोंट कर नाक से सूंघने पर पीलिया से छुटकारा मिलता है। 
  • मस्से होने पर कड़वी लोकी यानि तुम्बी को सिरका और गुड़ के साथ पीसकर मस्सों पर लेप लगाने से मस्से शीघ्र सूख जाते हैं। 
  • पित्ताशय, उलटी और जी मचलाने की स्थिति में गुड़ और हरड़ बराबर मात्रा में लेकर दिन में 2 बार पानी के साथ लेने से आराम मिलता है। 
  • गुड़ 200 ग्राम, हरड़ का चूर्ण 100 ग्राम, त्रिकुट(सौंठ, मिर्च, पीपर) चूर्ण 100 ग्राम, में दाल चीनी और तेजपत्ता 30 ग्राम,मिलकर 25-25 ग्राम के लड्डू बना लें, सुबह और शाम 1-1 लड्डू गर्म जल के साथ लेने से गैस, पेट की गुड़गुड़ाहट, खांसी, संग्रहणी, बवासीर, हाथ-पैरों की सूजन आदि नष्ट होते हैं। 
  • अगर आपका बच्चा बिस्तर में पेशाब करता है तो आप गुड़ और काले तिल के लड्डू दिन में 2 बार दें और इस समस्या से निजात पाएं। 
  • बवासीर की समस्या होने पर पके नीम की निम्बोली पुराने गुड़ के साथ दिन में 3 बार खाने से आराम मिलता है। 
  • किसी भी तरह की खांसी होने पर गुड़ 80 ग्राम, अनारदाना 40 ग्राम, काली मिर्च 10 ग्राम, पीपर 5 ग्राम, जवाखार 5 ग्राम, सब एक साथ मिलाकर 1-1 चम्मच गर्म जल के साथ दिन में 2 बार सेवन करने से खांसी में आराम मिलता है।

तो देखा आपने गुड़ हमारे लिए कितना उपयोगी है, तो क्यों न हम आज से ही इसका लाभ उठाना शुरू करें।  दोस्तों, अगर आपको ये पोस्ट स्वास्थ्यवर्धक लगे तो मुझे जरुर बताएँ, और अपने दोस्तों को शेयर भी करें.

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